ग्वालियर में आवारा कुत्तों का आतंक, 1 दिन में 193 लोगों को काटा, नसबंदी अब तक पर 1.75 करोड़ खर्च ...नतीजा जीरो!
Gwalior Dog Bites ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आवारा कुत्तों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। कुत्तों ने 1 दिन में 193 लोगों को अपना शिकार बनाया है। हैरानी की बात यह है कि कुत्तों की नसबंदी पर पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है, लेकिन नतीजा जीरो नजर आ रहा है। आवारा कुत्तों के आतंक (Dog Bite Cases in Gwalior) के चलते शहर के लोगों का जीना मुश्किल हो गया है।
ग्वालियर में आवारा कुत्तों का आतंक
ग्वालियर में डॉग बाइट्स के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले एक महीने की यदि बात करें तो ग्वालियर में तीन केस ऐसे सामने आए जिसमें स्ट्रीट डॉग किसी बच्चे का गाल, किसी के हाथ का मांस तक खींच कर ले गए। यह हालत तब है जब नगर निगम सालों से एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम पर लाखों रुपए हर साल खर्च कर रहा है। इसके बावजूद ग्वालियर (Gwalior Municipal Corporation) में सड़कों पर घूम रहे आवारा कुत्तों का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दिन प्रतिदिन स्ट्रीट डॉग्स की बढ़ती आबादी की वजह से कुत्तों के काटने के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। शहर में आवारा कुत्तों ने लोगों का जीना दुश्वार कर दिया है।
कुत्तों ने 1 दिन में 193 लोगों को काटा
एक सर्वे के मुताबिक ग्वालियर शहर में 2 प्रमुख शासकीय अस्पतालों में डॉग बाइट्स की 193 मरीज अपना इलाज करने के लिए पहुंचे। अस्पताल पहुंचे मरीजों को एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगाने पड़े हैं। वहीं, कमला राजा हॉस्पिटल (Gwalior Dog Bites) की बात की जाए तो JAH परिसर में भी काफी संख्या में आवारा कुत्तों का आतंक देखा गया है। यहां रात में अक्सर आवारा कुत्ते हमला कर देते हैं। जानकारी के अनुसार, शनिवार 8 फरवरी को जिला अस्पताल मुरार में डॉग्स बाइट्स की सबसे ज्यादा 101 मरीज इलाज के लिए आए। इसी तरह जयारोग्य पीएसएम विभाग में डॉग बाइट्स के 92 मरीज पहुंचे। इन मरीजों को एंटी रेबीज की इंजेक्शन लगाए गए। इसमें से किसी मरीज को पहले तो किसी को दूसरा या तीसरा इंजेक्शन लगाया गया।
1.75 करोड़ अब तक नसबंदी पर खर्च नतीजा जीरो
स्ट्रीट डॉग बाइट के मामले लगातार बढ़ने पर नगर निगम के एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम पर भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। एक ओर नगर निगम लगातार आवारा कुत्तों को पकड़कर उनकी नसबंदी करने का दावा कर रही है, लेकिन दूसरी ओर कुत्तों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही है। बता दें कि नगर निगम ग्वालियर ने मार्च 2024 में सिद्धांत समिति को 1 साल की जिम्मेदारी दी है। अभी तक कंपनी ने 4 हजार स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी (Sterilization Of Stray Dogs) की है। एक साल का ठेका 99 लाख रुपए बताया जा रहा है। अनुमान के अनुसार, एक स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी पर कंपनी को 836 का खर्च आता है।
कुत्तों की आतंक से लोग भयभीत
लोगों का कहना है कि शहर की एक भी गाली, सड़क और कॉलोनी ऐसी नहीं है जो आवारा कुत्तों के आतंक (Gwalior Animal Birth Control Program) से मुक्त हो। कुत्तों के आतंक के तलते लोगों का सड़क पर चलना और निकलना मुश्किल हो गया है। वहीं, इस मामले पर नगर निगम आयुक्त संघ प्रिया का कहना है कि निगम बर्थ कंट्रोल के लिए काम कर रही है। इसके और केंद्र बनाने के लिए भी विचार कर रही है। जल्द ही कुत्तों की समस्या से लोगों को निजात दिलाने का प्रयास किया जा रहा है।
(ग्वालियर से सुयश शर्मा की रिपोर्ट)
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